बछड़े की शुरुआत मजबूत हो, तो किसान का भविष्य मजबूत होता है

Dairy

सुबह किसान ने देखा—गाय का बछड़ा खड़ा तो है, लेकिन शरीर कमजोर लग रहा है।

अक्सर ऐसी स्थिति में ध्यान बीमारी पर जाता है। लेकिन कई बार सवाल इससे पहले का होता है—बछड़े को शुरुआत में सही पोषण मिला या नहीं?

बछड़े के जीवन के शुरुआती दिन उसके आगे के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। जन्म के तुरंत बाद खीस/कोलोस्ट्रम देना सबसे जरूरी कदमों में से है। इसके बाद धीरे-धीरे दूध, मिल्क रिप्लेसर, साफ पानी और कैल्फ स्टार्टर जैसी चीजें उसकी बढ़ती जरूरतों को पूरा करती हैं। NDDB भी शुरुआती बछड़ा पोषण में कोलोस्ट्रम और उचित दूध/मिल्क रिप्लेसर प्रबंधन को महत्वपूर्ण मानता है।

कई ग्रामीण डेयरी किसानों के सामने एक व्यावहारिक समस्या होती है—मां का दूध बछड़े के लिए पर्याप्त नहीं है या पूरा दूध बेचना जरूरी है।

यहीं पर एक अच्छी गुणवत्ता वाला Calf Milk Replacer उपयोगी हो सकता है।

Voeden India Calf Milk Replacer में दूध आधारित सामग्री, वनस्पति तेल/प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स दिए गए हैं। इसका उद्देश्य बछड़े को बढ़ने के समय आवश्यक पोषण का एक नियमित स्रोत देना है।

बछड़े की ग्रोथ में नियमितता बहुत मायने रखती है।

ध्यान रखें:

  • कोलोस्ट्रम को प्राथमिकता दें।
  • हर दिन लगभग एक ही समय पर फीड दें।
  • पानी और पाउडर की मात्रा सही रखें।
  • दूध/मिल्क रिप्लेसर को अच्छी तरह मिलाएं।
  • फीडिंग बर्तन साफ रखें।
  • बछड़े की भूख, मल और एक्टिविटी पर रोज नजर रखें।

गलत मात्रा, गलत तापमान या गलत mixing से पाचन संबंधी समस्या हो सकती है।

उत्पाद लेबल के अनुसार:

140 ग्राम पाउडर + 1 लीटर पानी

लेबल में लगभग 55°C पानी में अच्छी तरह मिलाकर, फिर 38–40°C पर बछड़े को देने की सलाह दी गई है।

बछड़ा आज सिर्फ एक छोटा जानवर नहीं है—वही आगे चलकर आपकी डेयरी का उत्पादन करने वाला पशु बनेगा। इसलिए शुरुआती दिनों में पोषण पर किया गया ध्यान, सिर्फ आज की ग्रोथ नहीं—आने वाले वर्षों की डेयरी उत्पादकता की नींव है।

Voeden India — किसानों के लिए बेहतर पशुपोषण की दिशा में।

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